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राष्ट्रीय सुधार • जनहित • संवैधानिक न्याय

50 सूत्रीय राष्ट्रीय सुधार घोषणापत्र

“न्याय सबके लिए — अवसर सबके लिए — सम्मान सबके लिए!”

सवर्ण जनता पार्टी का उद्देश्य किसी समुदाय के अधिकारों का ह्रास नहीं, बल्कि संविधान के अनुरूप निष्पक्ष व्यवस्था, समान अवसर और न्यायपूर्ण विकास सुनिश्चित करना है।

न्याय
Justice
समानता
Equality
अधिकार
Rights
अवसर
Opportunity
पारदर्शिता
Transparency
विकास
Development
राष्ट्रीय अध्यक्ष: प्राची मिश्रा
•
मार्गदर्शक सूत्र: सुधारयुक्त भारत • सशक्त भारत • विकसित भारत
नीतिगत एजेंडा व प्रमुख मांगें

सवर्ण जनता पार्टी के 6 प्रमुख नीतिगत सुधार

पार्टी का उद्देश्य सामाजिक न्याय, समान अवसर और सभी वर्गों के लिए न्यायसंगत व्यवस्था को मजबूत करना है।

नीतिगत सुधार 01Periodic Review of Reservation System

1. आरक्षण व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा

आरक्षण व्यवस्था के प्रभाव और उसके वास्तविक लाभार्थियों की स्थिति का प्रत्येक पाँच वर्ष में व्यापक पुनर्मूल्यांकन किया जाए।

मुख्य बिंदु एवं कार्ययोजना:

आरक्षण व्यवस्था के प्रभाव और उसके वास्तविक लाभार्थियों की स्थिति का प्रत्येक पाँच वर्ष में व्यापक पुनर्मूल्यांकन किया जाए।

इसके लिए एक स्वतंत्र एवं प्रतिनिधित्वकारी आरक्षण समीक्षा आयोग का गठन किया जाए, जिसमें SC/ST, OBC तथा सवर्ण समाज सहित सभी प्रमुख सामाजिक वर्गों का उचित प्रतिनिधित्व हो।

आयोग यह अध्ययन करे कि आरक्षण का लाभ संबंधित वर्गों की विभिन्न जातियों और समुदायों तक किस सीमा तक पहुँचा है।

जिन समुदायों अथवा परिवारों को आरक्षण का पर्याप्त लाभ प्राप्त हो चुका है, उनके लिए आगे की आरक्षण नीति की आवश्यकता और स्वरूप का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।

नीतिगत सुधार 02Review of UGC Act & Higher Education Regulations

2. UGC Act से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा

उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय, समान अवसर और निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु UGC से संबंधित प्रावधानों का पुनरावलोकन।

मुख्य बिंदु एवं कार्ययोजना:

UGC से संबंधित उन प्रावधानों की समीक्षा की जाए जिन्हें पार्टी सामाजिक न्याय, समान अवसर और उच्च शिक्षा में निष्पक्षता के दृष्टिकोण से उचित नहीं मानती।

आवश्यकतानुसार ऐसे प्रावधानों को वापस लेने अथवा उनमें व्यापक संशोधन करने की दिशा में पहल की जाए।

उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता और शैक्षणिक गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

नीतिगत सुधार 03Legal Due Process & Reforms in SC/ST Act Procedures

3. SC/ST Act के अंतर्गत सहायता एवं कानूनी प्रक्रिया में सुधार

वास्तविक पीड़ितों को संरक्षण, निष्पक्ष विधिक जांच, और कानून के दुरुपयोग व ब्लैकमेलिंग पर प्रभावी कानूनी रोक।

मुख्य बिंदु एवं कार्ययोजना:

SC/ST Act के अंतर्गत उपलब्ध आर्थिक सहायता एवं संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाए, ताकि व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक पीड़ितों को सहायता प्रदान करना हो और उसका दुरुपयोग न हो।

जहाँ आर्थिक सहायता की व्यवस्था है, वहाँ राशि एवं प्रक्रिया को तार्किक और पारदर्शी बनाया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता को पीड़ित व्यक्ति के पुनर्वास और संरक्षण से जोड़ा जाए।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई में कानून के शासन, निष्पक्ष जाँच और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

शिकायत की निष्पक्ष जाँच के लिए प्रभावी व्यवस्था हो और केवल आरोप के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों का अनुचित हनन न हो, जबकि वास्तविक पीड़ितों की सुरक्षा और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी तरह सुनिश्चित रहे।

किसी कानून का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को अनुचित रूप से धमकाने, डराने या व्यक्तिगत प्रतिशोध के लिए करने की स्थिति में, कानून के दुरुपयोग के विरुद्ध प्रभावी कानूनी प्रावधान किए जाएँ।

नीतिगत सुधार 04Higher Education Merit & Centres of Excellence

4. उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा

IITs व राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों को आरक्षण-मुक्त उत्कृष्टता संस्थान के रूप में विकसित करना व राज्य विश्वविद्यालयों का उन्नयन।

मुख्य बिंदु एवं कार्ययोजना:

देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश एवं अवसरों की व्यवस्था का व्यापक अध्ययन किया जाए।

IITs एवं अन्य उच्चस्तरीय संस्थानों में कुछ संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से आरक्षण-मुक्त उत्कृष्टता संस्थान के रूप में विकसित करने पर विचार किया जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, शोध और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ावा मिल सके।

प्रत्येक राज्य में चयनित विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा, शोध एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए उनकी प्रवेश एवं शैक्षणिक नीतियों की समीक्षा की जाए।

नीतिगत सुधार 05Establishment of Statutory / Constitutional Sawarn Commission

5. सवर्ण आयोग का गठन

सवर्ण समाज की समस्याओं के अध्ययन और नीतिगत समाधान के लिए स्वतंत्र संवैधानिक/वैधानिक आयोग का गठन।

मुख्य बिंदु एवं कार्ययोजना:

सवर्ण समाज की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं रोजगार संबंधी समस्याओं के अध्ययन और समाधान के लिए एक स्वतंत्र एवं संवैधानिक/वैधानिक सवर्ण आयोग का गठन किया जाए।

आयोग का उद्देश्य सवर्ण समाज के वास्तविक रूप से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की पहचान करना तथा उनके लिए शिक्षा, रोजगार, आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित नीतिगत सुझाव देना हो।

आयोग को पर्याप्त विधिक अधिकार, बजट एवं अनुसंधान संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि नीतियां तथ्य-आधारित हों।

नीतिगत सुधार 06Equal Opportunity, Transparency & Genuine Social Justice

6. समान अवसर और सामाजिक न्याय

जातिगत आधार पर अवसरों से वंचित न करने की व्यवस्था, योग्यता को सम्मान, और वास्तविक जरूरतमंदों तक योजनाओं की पहुंच।

मुख्य बिंदु एवं कार्ययोजना:

सवर्ण जनता पार्टी ऐसी व्यवस्था की पक्षधर है जिसमें किसी भी नागरिक को केवल उसकी जातीय पहचान के आधार पर अवसरों से वंचित न किया जाए।

वास्तविक रूप से वंचित एवं जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं और अवसरों का लाभ प्रभावी ढंग से पहुँचे।

पार्टी का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें सामाजिक न्याय के साथ-साथ समान अवसर, पारदर्शिता, जवाबदेही और योग्यता (Merit) को भी पर्याप्त महत्व मिले।

राष्ट्र के लिए • नीतियों के लिए • आपके लिए

आइए, मिलकर बनाएं नया भारत। सवर्ण जनता पार्टी के ऐतिहासिक सदस्यता अभियान से जुड़ें और अपनी पहचान व अधिकारों को मजबूती दें।